अंतरराष्ट्रीय गुमशुदा बाल दिवस 2025
बच्चों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी
हर वर्ष 25 मई को अंतरराष्ट्रीय गुमशुदा बाल दिवस मनाया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य बाल अपहरण और बच्चों के गुम होने जैसी गंभीर समस्याओं के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना है। आज के समय में बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी बन चुकी है।
बच्चे देश का भविष्य हैं। उनकी मुस्कान, सुरक्षा और शिक्षा हमारे समाज की सबसे बड़ी पूंजी है। लेकिन कई बार लापरवाही, गलत संगति, ऑनलाइन खतरे और अपराधियों की गतिविधियों के कारण बच्चे अपहरण या गुमशुदगी का शिकार हो जाते हैं। इसलिए जरूरी है कि माता-पिता, शिक्षक और समाज के सभी लोग बच्चों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी बातें:
बच्चों को अजनबियों से दूरी बनाना सिखाएं।
घर और स्कूल का पूरा पता एवं माता-पिता का मोबाइल नंबर याद करवाएं।
बच्चों को अकेले सुनसान जगहों पर न भेजें।
इंटरनेट और सोशल मीडिया के उपयोग पर नजर रखें।
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
इस अवसर पर समाजसेवी और जागरूक नागरिकों को आगे आकर लोगों को बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना चाहिए। एक छोटी सी सावधानी किसी बच्चे का भविष्य बचा सकती है।
डॉ. शिवाजी कुमार द्वारा भी समाज में बाल सुरक्षा और जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया है, ताकि हर बच्चा सुरक्षित और खुशहाल जीवन जी सके।
संदेश:
“बच्चों की सुरक्षा ही समाज की असली पहचान है।”
